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लोकतांत्रिक जनादेश और दक्षिण कोरिया

    दक्षिण कोरिया ने हाल ही में एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रपति चुनाव के माध्यम से अपने लोकतांत्रिक विकास की एक निर्णायक दहलीज़ पार की है। यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों या व्यक्तित्वों के बीच की टक्कर नहीं था , बल्कि यह शासन , जवाबदेही और राष्ट्र के भविष्य को लेकर व्यापक जनचिंताओं का सजीव प्रतिबिंब बन गया—जिसने पूरे देश में मीडिया सुर्खियों और जनचर्चा को गहराई से प्रभावित किया। हालांकि कुछ दक्षिणपंथी विपक्षी नेताओं ने चुनाव में अनियमितताओं का शोर मचाया , लेकिन इन आरोपों को न तो जनता ने गंभीरता से लिया और न ही मीडिया ने। आधिकारिक परिणाम एक स्पष्ट और निर्विवाद जनादेश के रूप में सामने आए , जो दक्षिण कोरिया के जागरूक और संलग्न मतदाताओं की स्पष्ट इच्छा को दर्शाते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के ली जे-मयोंग ने एक सूक्ष्म रूप से रणनीतिक और समावेशी चुनाव अभियान चलाया , जिसका उद्देश्य राजनीतिक ध्रुवीकरण को पाटना था। उन्होंने केवल पार्टी के परंपरागत समर्थकों को ही नहीं , बल्कि उन मध्यपंथी और उदार दक्षिणपंथी मतदाताओं को भी संबोधित किया , जो बढ़ती राजनीतिक कट्टरता से थक चुके थे। उनका चुनाव...

कोरियाई प्रायद्वीप का बदलता भू-राजनीतिक परिदृश्य

 कोरियाई प्रायद्वीप पर उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंधों की वर्तमान स्थिति एक नए युग की भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है। यह बदलाव वैश्विक स्तर पर अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है। कूटनीति के कई असफल प्रयासों , खासकर 2019 के हनोई शिखर सम्मेलन के बाद , उत्तर कोरिया ने यह निष्कर्ष निकाला है कि अमेरिका के साथ संबंध सुधार उसकी सुरक्षा चिंताओं का हल नहीं है। इसके फलस्वरूप , प्योंगयांग ने अपनी संप्रभुता की रक्षा और बाहरी खतरों को रोकने के लिए अपनी परमाणु शक्ति को मजबूत किया है , जिससे उसकी स्थिति और प्रभाव कोरियाई प्रायद्वीप पर सुदृढ़ हो गया है। इस बदलते भू-राजनीतिक माहौल में , उत्तर कोरिया का नजरिया "नई शीत युद्ध" की व्यवस्था के अंतर्गत और भी सशक्त हुआ है , जहाँ अमेरिका , दक्षिण कोरिया और जापान एक ओर और रूस , चीन तथा उत्तर कोरिया दूसरी ओर गठबंधन के रूप में उभर रहे हैं। रूस और चीन जैसे प्रभावशाली राष्ट्र उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों के आर्थिक दबाव से कुछ हद तक बचाने में सहायक हैं , लेकिन चीन के साथ इसके आंतरिक तनाव बने हुए हैं। चीन का पूर्वी एशिया में संतुलन ...

हम केवल प्रवाह का अनुसरण कर रहे हैं।

हम चिंताओं, युद्धों, वैश्विक सुरक्षा दुविधा, विचारविहीन राजनीति, चरम स्तर पूंजीवाद, बहुध्रुवीय विश्व, अविश्वास और अवसरवाद से भरी दुनिया में रह रहे हैं। ऐसे में दार्शनिकता कैसे परिभाषित होगी ? स्वस्थ- सुखी जीवन जीने की प्राकृतिक रणनीति क्या होगी? अंतर्दृष्टि तनावपूर्ण समाज तनाव और अवसाद से बचने की कोशिश कर रहा है। लेकिन समुद्र में रहकर जल से अलग होने और संकटग्रस्त परिवेश में संकट से निकलने जैसी बात नहीं है ? स्वचालन , आत्मसंयम लेकिन आदि इत्यादि सामान्य आदमी किन-किन लोगों-रिश्तों से नाता तोड़ें? प्रकृति से ? रोग से ? जब दुनिया ही आपस में जुड़ी हुई है I आधुनिक समाज में नैतिकता, मानवीय मूल्य, सद्भावना सदियों पुराने शब्द हो रहे हैं। आक्रामकता और अवज्ञा समस्या, अधीनता सभी स्थितियों में समाधान विहीन हो चुकी है । हम अन्याय के प्रति ग्रहणशील हो रहे हैं I उसे रोकन भी चाहते है लेकिन रोक नहीं पा रहे। हम जी रहे हैं लेकिन ऐसे वक़्त के साथ जहा दार्शनिकता के आधार पर मनुष्य कार्य नहीं करता नज़र आता I दार्शनिकता का क्या मतलब है ? ऐसे प्रश्न जरूर मन में हिलोरे मारते है परन्तु जब वै...

रूस -उत्तर कोरिया के गहराते रिश्ते : मायने क्या हैं ?

(Photo Source: Herald)  उत्तर कोरिया और रूस के बीच आर्थिक और सैन्य सहयोग  गहन होता जा रहा है।  रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा  उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री छवे सन-ही का गर्मजोशी भरा स्वागत रूस की ओर से  दक्षिण कोरिया को चेतावनी के रूप में भी देखा जा है  ।     रूस-ुयूक्रेन युद्ध में दक्षिण कोरिय यूक्रेन का समर्थन जरूर करता है लेकिन उसका निर्णय घातक हथियार भेजने का नहीं  रहा है।  कोरिया के कई लोग मानते है कि  कोरिया गणराज्य-अमेरिका गठबंधन और रूस दोनों से  संतुलित कूटनीति का संचालन कर चाहिए क्योंकि आर्थिक दृष्टिकोण में अगर रूस का मार्किट चीन के पक्ष में गया तो वह हितकारी नहीं  ।    इसलिए कोरिया को अमेरिका के साथ वार्ता कर अपने हितों का ध्यान रखना चाहिए और सुरक्षा की दृष्टि से भी उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना  चाहिए  ।  इसका अर्थ यह कतई नहीं कि किसी भी प्रकार के परमाणु हमले  को बर्दाश्त किया जाए  ।  रूस हालांकि उत्तर-दक्षिण में युद्ध होने कि सम्भवना या एकपक्षीय नीत...

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते तनाव

      (उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन (बाएं से पहले) अपने सैन्य सलाहकारों के साथ सिगरेट पीते हुए) सीओल(दक्षिण कोरिया) --  उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव फिर से तीव्र होता जा रहा क्योंकि उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया में अपने एजेंटों को कोडित संदेश भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियो स्टेशन का संचालन बंद कर दिया है। उत्तर कोरिया दबाव बढ़ा  दक्षिण कोरिया को  "प्रमुख दुश्मन" करार दे कह रहा पुनर्मिलन की संभावना अब नहीं है।   उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु क्षमताओं को बढ़ा विशेष रूप से प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमला करने की क्षमता को लक्षित किया है।  "निर्णायक नीति परिवर्तन" का आह्वान कर किम जोंग उन ने   दक्षिण में शांति और कब्जे सहित संभावित संकट परिदृश्यों के लिए फिर से तैयार रहने का निर्देश दे दक्षिण कोरिया के साथ नागरिक आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार संगठनों को भंग करने को कहा है।  गौरतलब है कि दोनों  देश 1950-53 के कोरियाई युद्ध के युद्धविराम में समाप्त होने के बाद भी तकनीकी रूप ...

Journalist Kim Jong-soo named recipient of ‘Global Clean Environment Awards 2023’

  KBS Journalist and writer Kim Jong-soo shares views on protecting environment  protection at ‘Global Clean Environment Awards 2023’ ceremony at The Plaza Hotel in Jung-  gu, Seoul on Wednesday. KBS Journalist recognized for in-depth coverage of Seoksan dispute and environment advocacy Korean Broadcasting System (KBS) journalist and accomplished writer, Kim Jong-soo, has been bestowed with the prestigious ‘Global Clean Environment Awards 2023’ in recognition of his remarkable contributions to the media and entertainment industry while advocating for environmental preservation. Kim’s insightful coverage of the "30 years of the Seoksan dispute" garnered significant attention. The Seoksan dispute, a matter of environmental concern that spans three decades, has been brought to the forefront through Kim's in-depth analysis, highlighting its profound implications for the planet. An esteemed panel of media experts extensively evaluated Kim's dedication to monitoring...

तनावपूर्ण होते चीन - दक्षिण कोरिया के सम्बन्ध

  चीन के राजदूत सींग हाई-मिंग के बयान के बाद चीन और दक्षिण कोरिया के बीच का तनाव एक बार फिर से सुर्ख़ियों में है।      तस्वीर मेरे द्वारा खींची गई चीन -कोरिया की 30वी वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्य्रकम की है।  डॉ संजय कुमार (दक्षिण कोरिया से) गौरतलब है कि पिछले सप्ताह  दक्षिण कोरिया में चीन के राजदूत सींग हाई मिंग ने दक्षिण कोरिया के सत्ताधारी दल की ओर इशारा करते हुए कहा था -- "कुछ लोग (सत्ताधरी दल के)  शर्त लगा रहे हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन की प्रतिद्वन्दता में अमेरिका ही जीत  जाएगा और चीन की हार होगी । जो लोग चीन की हार पर दांव लगा रहे हैं, वह निश्चित रूप से बाद में पछताएंगे।" यह बयान  राष्ट्रपति ऑफिस, विदेश मंत्रालय , मीडिया और कोरिया के जनमानस में आग की तरह फैल सी गई । आग को बुझाने की बजाय घी डालने वाले लोगों की तादाद बढ़ने लगी । चीनी राजदूत को कोरिया के उप विदेश मंत्री ने तलब कर दिया, चीन का विदेश मंत्रालय भी त्वरित और पारस्परिक कदम उठाकर चीन में कार्यरत दक्षिण कोरिया के राजदूत को भी तलब कर दिया। दोनों देशों के कूटनीतिक गल...

मानवसंपर्क और बातचीत

संस्कृतियों का विकास केवल भौतिक समानों से ही नहीं बल्कि वैचारिक आदान प्रदान , ज्ञान से ही सम्भव हो पाया। ह्यूग डबरली और पॉल पैंगारो के बातचीत वाले सिद्धांतों का सन्दर्भ मेरे जीवन दर्शन को बहुत भाता है क्योंकि दोनों बंधु बातचीत आदान-प्रदान को रेखांकित करते हैं और सीखने की प्रणाली के रूप में संदर्भित करते हैं। स्कूल- कॉलेज के दिनों से ही घंटों गंभीर डिबेट-डिस्कशन करना , कई बार बहुत सशक्त बलपूर्वक अपनी बातों को रखना आदत रही लेकिन जैसे- जैसे उम्र बढ़ता गया बातचीत के मायने भी बदल से गए। खासकर पत्रकारिता - शैक्षणिक टीचिंग में आने के बाद न चाहते हुए भी सुनने की आदत भी पड़ती गयी लेकिन बातचीत के दौरान भावपूर्णता में डूब जाना अभी भी कूट कूट कर व्यक्तित्व में भरा हैं जिसका आनंद आजकल बहुत आ रहा ! अब तो बातचीत जीवोकोपर्जन भी बन चूका हैं इसलिए इसके बिना जीवन अधूरा सा लगता हैं। ह्यूग डबरली और पॉल पैंगारो जी को पीएचडी के दिनों में पढ़ा था काश बचपन के शरारती दिनों में इन्हे समझता -- पत्रकारिता और पैनी होती ! #मानवसंपर्क #बातचीत डॉ संजय कुमार  

Indonesia Night in Daegu promotes fashion diplomacy

  https://www.koreaherald.com/view.php?ud=20230616000535&np=1&mp=1  Indonesian embassy holds 'Indonesia Night' in Daegu (koreaherald.com)   https://www.koreaherald.com/view.php?ud=20230616000535&np=1&mp=1  Indonesia Night in Daegu promoted fashion diplomacy commemorating 50 th years of Indonesia-Korea relations. Showcasing Indonesia’s diversity through creative economy exhibition and cultural performance, Indonesian embassy highlighted the significance of Tenun as an icon of Indonesian culture. “For centuries, hand-weaving technique making of Tenun from various provinces of Indonesia is passed on from generation to generation,” said Gandi Sulistiyanto Indonesia Ambassador to Korea adding that Tenun currently is transforming into modern attires and worn by younger generation. Tenun refers to an artful Indonesian weaving technique to make a fabric of colorful threads known as original cultural heritages preserved till present day. 11 outfits made fro...

Indian Embassy celebrates International Day of Yoga

  The Indian Embassy in Seoul held an event Monday to promote the International Day of Yoga on June 21, highlighting the exercise's role in uniting the mind, body, thought and action. The International Day of Yoga was designated by the United Nations General Assembly in 2014, following a proposal by the Prime Minister of India, Narendra Modi. "Yoga is a way to discover a sense of oneness with yourself, the world, and nature," Indian Ambassador to Korea Amit Kumar said at the event. He also stressed the importance of living in harmony with nature and recognizing the impact of every action we take. To commemorate the 9th International Day of Yoga, the embassy is collaborating with Korean yoga groups in cities across Korea, including Seoul, Gurye, Jeju, Busan and Gwangju. On June 17, participants will gather at Seoul's Olympic Peace Park for yoga and meditation sessions, fostering a sense of unity and well-being, according to Kumar. The embassy also appointed Korean actr...

Concerns over Coronavirus Outbreak and its economic impact intensifies in Korea

 K orea is trying its best to contain the novel coronavirus (officially declared as COVID-19 by the WHO).   In the opening remarks of the 7 th Cabinet Meeting, President Moon Jae-in highlighted   the importance of preemptive and extraordinary measures for both public safety and people’s livelihoods. In the meeting it has been shared that Korean people have the power to revive this medical emergency because Korea has world-class quarantine and medical systems. If Korean people will follow personal hygiene guidelines , believe in the Government’s rejoinders, continue normal economic activities in daily lives, economy can be rapidly recovered, the president added in the meeting.     On the economic front, interruption to South Korean manufactures were initially considered as temporary but delay in production has affected seriously due to the increased numbers of virus suspected and confirmed cases in South Korea. Delay in production have raised concerns...